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सोमतीर्थ कुंड पर फव्वारों से होगा पर्व स्नान
उज्जैन:सोमवती अमावस्या का पर्व स्नान सोमतीर्थ कुंड पर होगा। पीएचई विभाग द्वारा कुंड के तीन ओर फव्वारे लगाये गये हैं। साथ ही कुंड के आसपास बैरिकेड्स लगाये गये हैं ताकि लोग कुंड में उतरकर स्नान न करें। नगर निगम द्वारा यहां नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है।
३ जून को सोमवती अमावस्या का पर्व स्नान करने हजारों की संख्या में श्रद्धालु सोमतीर्थ कुंड और रामघाट पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये नगर निगम द्वारा कुंड के आसपास सफाई कराई गई है। पीने के पानी के टैंकर और चलित शौचालय भी रखा गया है। पीएचई विभाग ने कुंड के पास पूर्व से स्थित बोरिंग में मोटर डालकर कुंड के तीन ओर फव्वारे लगाये गये हैं।
बोरिंग के पानी को फव्वारों में प्रवाहित कर श्रद्धालुओं को स्नान कराया जायेगा। पिछली सोमवती अमावस्या पर पीएचई विभाग द्वारा यहीं पर एक अतिरिक्त बोरिंग भी कराया गया था जो वर्तमान में बंद पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि बोरिंग में सुधार कार्य कराने के बाद उसमें मोटर डालकर फव्वारों में पानी छोड़ा जायेगा। साथ ही बड़े पुल के पास स्थित इंटकवेल से लाइन डालकर कुंड में पानी भरने की व्यवस्था की गई है।
शिप्रा में नहीं आया नर्मदा का पानी
पिछले पर्व स्नानों के दौरान शिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के लिये नर्मदा का साफ पानी छोड़ा गया था लेकिन वर्तमान में जलसंकट के कारण शिप्रा नदी में नर्मदा का पानी नहीं छोड़ा गया है और शनिश्चरी अमावस्या से नदी में रुके हुए पानी में ही श्रद्धालुओं को स्नान करना होगा। रामघाट पर जो रुका पानी है वह गंदा और बदबूदार है। ऑक्सीजन की कमी से पानी में मछलियां भी मर रहीं हैं। अब ऐसे में ही श्रद्धालुओं को पर्व स्नान करना पड़ेगा।
नदी के फव्वारे चालू करवाए
नदी के पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां मरने के बाद नगर निगम द्वारा रामघाट पर लगे आधा दर्जन फव्वारों को पुन: चालू कराया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पानी साफ और स्नान योग्य है।
घाटों पर जमी काई
सोमवती अमावस्या पर सैकड़ों श्रद्धालु रामघाट पर भी स्नान करने पहुंचेंगे लेकिन घाटों पर काई जमी है जिसकी सफाई नहीं होने के कारण लोग फिसल कर गिर रहे हैं।